KANPUR – स्वच्छता को लेकर,हमारी भी जिम्मेदारी….

वंदना सिंह (स्वतंत्र पत्रकार)

एक दृष्टि से देखें तो शहर में चारों ओर जो गंदगी नजर आ जाती है उसमें नगर निगम के साथ साथ हम भी बराबर के दोषी हैं। यह अकाट्य सत्य है कि शहर की गंदगी को साफ सफाई करना अकेले नगर निगम के बस की बात नहीं है। इसके लिए शहर के प्रत्येक नागरिक को जागरूक होना पड़ेगा। शहर के नर्सिंग होमों, अस्पतालों के बाहर जमा हुए कूड़े को साफ कराना क्या उनकी जिम्मेदारी नहीं है। जबकि यह मरीज से हर तरह का पैसा वसूलते हैं। हमें नगर निगम की कूड़ा लेने आने वाली गाड़ी को सौ,पचास रुपए ना देने पड़े इसके लिए सामने खाली पड़े प्लाट में कूड़ा डाल कर वहां गंदगी फैलाने का वह कार्य करते हैं जो अक्षम्य अपराध की श्रेणी में आता है। थोड़े दिनों बाद वह कूड़ा सड़कर बदबू पैदा करने लगता है जो अगल बगल वाले परिवारों के साथ ही स्वयं के परिवार को भी परेशानी का कारण बन जाता है। कभी-कभी लोग इस गंदगी के चलते बीमार होकर नर्सिंग होम में भर्ती होकर धन हानि के साथ स्वास्थ्य लाभ लेकर घर आते हैं। कभी-कभी तो दुर्भाग्यवश इसी गंदगी के चलते धन हानि के साथ जन हानि भी हो जाती है। यदि हमने जरा भी सावधानी बरती होती और साथ में लोगों को भी खाली स्थान पर कूड़ा ना डालने के लिए प्रेरित किया होता तो शायद प्लाट के आसपास रहने वालों का स्वास्थ्य के साथ-साथ धन भी सुरक्षित होता। इस बात को हमें अपने पढ़ने वाले बच्चे से समझना होगा। हमारा बच्चा यदि पढ़ने में कमजोर है तो उसको हम मेधावी बनाने के लिए या तो घर में ट्यूशन लगाते हैं या कोचिंग भेजते हैं। जिसमें हम विद्यालय की फीस के साथ साथ ट्यूशन फीस का भी अतिरिक्त भार उठाते हैं। तब हम विद्यालय के प्रधानाचार्य से यह नहीं शिकायत करते की आपकी जिम्मेदारी है हमारे बच्चे को पढ़ा-लिखा कर मेधावी बनाना। तब हमें चिंता रहती है अपने बच्चे के भविष्य की। भले ही इसके लिए कुछ अतिरिक्त पैसे खर्च हो जाएं। इसी तरह शहर की गंदगी को लेकर भी आपको अपनी सोच को बड़ा करना होगा। नगर निगम अपने सीमित साधनों से जितनी सफाई कर पाता है उसके बाद भी आपके सामने यदि गंदगी है तो उस बच्चे की तरह जिसे आप मेधावी बनाने के लिए ट्यूशन फीस के रूप में विद्यालय फीस के अतिरिक्त पैसे खर्च करते हैं तो उसी तरह हमें अपने बहुमूल्य कीमती स्वास्थ्य को बचाने के लिए इस गंदगी को हटाने के लिए कुछ धन खर्च करना पड़े तो कर देना चाहिए। हो सकता है आपके द्वारा खर्च की गई वह छोटी सी पूंजी आप को आप के परिवार के किसी सदस्य को नर्सिंग होम जाने से रोकने में सफल हो जाए। शहर की गंदगी को साफ करने के लिए नगर निगम के साथ साथ हमें भी जागरूक होना पड़ेगा। जिस दिन से शहर का नागरिक जागरुक हो जाएगा उसी दिन से शहर में गंदगी का नामोनिशान नहीं होगा। अगर आप चाहते हैं कि स्वच्छता को लेकर हमारे शहर का नाम रोशन हो तो आइए हम सब एक साथ मिलकर शपथ लें कि हम भी अपने शहर को स्वच्छ रखने के लिए बिना किसी भेदभाव के अपना संपूर्ण सहयोग करेंगे।

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