फसलों में एकीकृत पोषक तत्व का करें प्रयोग-डॉ. खलील खान

उत्तर प्रदेश के कन्नौज में सोमवार को उमर्दा ब्लॉक के ग्राम सूरजपुर में कृषि प्रशिक्षण के दौरान कृषि वैज्ञानिकों के द्वारा किसानों को फसल से संबंधित विस्तृत जानकारी दी गई।इस दौरान कृषि विज्ञान केंद्र अनौगी,कन्नौज के मृदा वैज्ञानिक डॉ खलील खान ने किसानों को गेहूं फसल में एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन के बारे में विस्तार से जानकारी देते हुए बताया की रासायनिक उर्वरकों के अधिक प्रयोग करने से मृदा में जीवांश कार्बन की गिरावट आई है।जिससे मृदा का स्वास्थ्य असंतुलित हो गया है।उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रदान प्रबंधन सिद्धांत का अर्थ लंबे समय तक टिकाऊ फसल उत्पादकता के लिए मृदा उर्वरता को बनाए रखना होता है।डॉ.खलील खान ने बताया कि कई प्रयोगों से सिद्ध हुआ है कि गोबर की सड़ी खाद और उर्वरकों के एकीकृत प्रयोग से विभिन्न फसल प्रजातियों में मृदा उर्वरता में सुधार के कारण अधिक उत्पादन प्राप्त हुआ है।उन्होंने बताया कि कंपोस्ट खाद व उर्वरकों के प्रयोग से जहां पादप पोषकों में वृद्धि हुई है।वही अप्रत्यक्ष रूप से मृदा के भौतिक,रासायनिक एवं जैविक गुणों में सुधार हो कर फसल उत्पादकता बढ़ी है।उन्होंने बताया कि एकीकृत पोषक तत्व प्रबंधन से मृदा में मुख्य पोषक तत्व जैसे नाइट्रोजन, फास्फोरस पोटाश के अतिरिक्त सूचम पोषक तत्व जैसे जिंक,आयरन,मैग्नीज,कॉपर, मॉलीब्लेडिनम आदि की फसलों में उपलब्धता बढ़ी है।जिससे फसल का उत्पादन अधिक होता है उन्होंने उपस्थित किसानों से अपील की है कि वे अपनी फसलों में एकीकृत पोषक तत्व प्रयोग करें।इस दौरान ग्राम प्रधान सहित अन्य किसान उपस्थित रहे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *