कानपुर। साइबर अपराधों पर नकेल कसते हुए साइबर सेल पश्चिम जोन की टीम ने एक बार फिर बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने विभिन्न साइबर फ्रॉड मामलों में त्वरित जांच कर करीब पांच लाख रुपये अलग-अलग पीड़ितों के खातों में वापस कराए हैं। वहीं, ठगों द्वारा इस्तेमाल किए गए संदिग्ध खातों में लगभग सात लाख रुपये फ्रीज करा दिए गए हैं। इसके अतिरिक्त अन्य मामलों में करीब चार लाख रुपये वापस दिलाने के लिए न्यायालय में आवेदन प्रस्तुत किए गए हैं।
तेजी से हुई इस कार्रवाई ने महीनों से ठगी से परेशान लोगों के चेहरे खिल उठे हैं। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें अपने पैसे वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो चुकी थी, लेकिन साइबर सेल की तत्परता ने न सिर्फ उनका पैसा लौटाया बल्कि पुलिस पर भरोसा भी मजबूत किया।
साइबर सेल ने जिन पीड़ितों को राहत दी, उनमें गजल को 15 हजार रुपये, ईशांत शर्मा को 25 हजार, निखिल दुबे को 22 हजार, जबकि सोनू को सबसे बड़ी राहत देते हुए 2,17,000 रुपये वापस कराए गए। इसके अलावा हरमोहन सिंह को 25 हजार, संदीप कुमार को 18 हजार, सोनू (दूसरा मामला) को 10,100 रुपये, साहिल को 5,000 रुपये, मोनिश आलम को 6,000 रुपये, संजना को 29,998 रुपये, विकास मौर्या को 45 हजार, असमित अग्निहोत्री को 25 हजार, सत्येंद्र कुमार को 4 हजार, नवनीश पारखी को 12 हजार, आशुतोष ट्रेडर्स को 16,500 रुपये और इशिता यादव को 20 हजार रुपये वापस कराए गए।
साइबर सेल टीम ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या संदेश पर भरोसा न करें। ठगी का शिकार होते ही तुरंत हेल्पलाइन 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।







