कानपुर। गोवा के अरपोरा इलाके में मस्ती और संगीत के लिए मशहूर पॉपुलर पार्टी वेन्यू नाइट क्लब शनि चीख-पुकार में बदल गया, जब अचानक भीषण आग ने मिनटों में पूरे क्लब को अपनी चपेट में ले लिया। हादसा इतना भयानक था कि 25 लोगों की जान चली गई, जिनमें कानपुर का 28 वर्षीय युवा शेफ रोहन सिंह भी शामिल था। जैसे ही यह मनहूस खबर कल्याणपुर स्थित परिवार तक पहुंची, पूरे घर में कोहराम मच गया।
मूलरूप से नेपाल के बागलूंग के रहने वाले रोहन की ज़िंदगी का बड़ा हिस्सा कानपुर में बीता। पिता की मौत के बाद मां की दूसरी शादी हुई, और रोहन को पालने की ज़िम्मेदारी उसके मामा कुंवर सिंह और लाल सिंह ने उठा ली। मामा के स्नेह ने ही रोहन को नया सहारा दिया। बचपन से ही उसे किचन की खुशबू और खाना बनाने का हुनर भाता था। दसवीं के बाद उसने इसी कला को अपना रास्ता बना लिया।
कानपुर के एलिज कैफे से शुरुआत करने वाले रोहन ने शहर के कई रेस्टोरेंट में काम किया। फिर तरक्की की तलाश में ग्वालियर पहुंचा और बीते फरवरी में बेहतर नौकरी के लिए गोवा चला गया। परिवार को हमेशा उसकी सफलता पर गर्व रहा, लेकिन किसी को क्या पता था कि यही नौकरी उसकी जिंदगी की आखिरी मंज़िल बन जाएगी।
हादसे की जानकारी गोवा पुलिस ने फोन पर दी तो घर में सबके होश उड़ गए। मुंबई में काम कर रहा परिवार का एक सदस्य विजय तुरंत गोवा पहुंच गया है। रोहन के शव को जल्द ही कानपुर लाया जाएगा, जहां उसका अंतिम संस्कार किया जाएगा। उधर नेपाल से रोहन की मां सुनीता, सौतेली बहन रोहिणी और रोशनी भी कानपुर के लिए रवाना हो चुकी हैं।
कम उम्र में रोहन की मौत ने पूरे परिवार को हिला कर रख दिया है। मामा के घर में सन्नाटा पसरा है, और हर कोई यही कह रहा है—“जो बेटा दुनिया को स्वाद देना चाहता था, वही आग की लपटों में खो गया।”







