कानपुर। काकादेव थाना क्षेत्र के मतैयापुरवा में इलेक्ट्रॉल का घोल पीने के बाद चार वर्षीय मासूम कृष्णा की मौत हो गई, जबकि उसकी मां मोनिका और डेढ़ वर्षीय चचेरा भाई गगन की हालत गंभीर बनी हुई है। दोनों का इलाज कल्याणपुर स्थित अस्पतालों में जारी है। पुलिस ने इलेक्ट्रॉल के पैकेट और घोल का सैंपल कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है।
मतैयापुरवा निवासी आशु राजपूत दोना-पत्तल की फैक्ट्री चलाते हैं। आशु के मुताबिक उनकी पत्नी मोनिका उर्फ मोहिनी सुबह से ही अस्वस्थ थीं और उल्टियां हो रही थीं। इसी बीच वह बाहर से दवा और इलेक्ट्रॉल का पैकेट खरीदकर घर आ गए। ऑफिस जाने के बाद मोनिका ने इलेक्ट्रॉल घोलकर खुद भी पिया और फिर अपने बेटे कृष्णा तथा देवर रोहित के डेढ़ वर्षीय बेटे गगन को भी वही घोल पिला दिया।
लेकिन घोल पीने के कुछ ही देर बाद तीनों की तबीयत तेजी से बिगड़ने लगी। लगातार उल्टियां और बेचैनी बढ़ने पर घबराई मोनिका ने आशु को फोन कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। आशु तुरंत घर लौटे और चार वर्षीय कृष्णा को निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मासूम की मौत की खबर सुनते ही परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा।
उधर, गंभीर स्थिति में मोनिका को कल्याणपुर के बारसिरोही स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, गगन की हालत ज्यादा बिगड़ने पर उसे कल्याणपुर की शिवली रोड स्थित दूसरे निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उसकी हालत नाजुक बताई जा रही है। दोनों अस्पतालों ने घटना की सूचना काकादेव पुलिस को दे दी थी।
सूचना पर पहुंची पुलिस टीम ने घर से मिले इलेक्ट्रॉल घोल और पैकेट को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है। प्राथमिक तौर पर मिलावट या किसी जहरीले तत्व की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस का कहना है कि रिपोर्ट आने के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। पुलिस परिवारजनों से पूछताछ कर रही है और मामले की हर एंगल से जांच जारी है।







