कानपुर। नकली सोने की चमक दिखाकर लोगों को ठगने का काम करने वाले शातिर ठगों का खेल आखिरकार पनकी पुलिस ने खत्म कर दिया। खुद को नमामि गंगे योजना से जुड़ा मजदूर बताकर भरोसा जीतने वाला यह गिरोह लंबे समय से लोगों को जाल में फंसा रहा था। नकली पीली और सफेद धातु के हार-सिक्कों का लालच देकर गिरोह ने एक व्यक्ति से 16 लाख रुपये ठग लिए, लेकिन इस बार किस्मत ने साथ नहीं दिया और पुलिस ने तीनों आरोपियों को दबोच लिया।
पुलिस के मुताबिक करीब एक माह पहले आरोपियों ने खुदाई के दौरान चांदी के सिक्के और कीमती धातु का हार मिलने का नाटक रचा। 23 नवंबर को पनकी पड़ाव पुल के नीचे तय मुलाकात में पीड़ित से 16 लाख रुपये लेकर वे चंपत हो गए। जब हार की जांच कराई गई तो वह पूरी तरह नकली निकला। इसके बाद पीड़ित ने थाना पनकी में शिकायत दर्ज कराई।
शुक्रवार देर शाम मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने पतंजलि गोदाम के सामने अंडरपास के पास सर्विस रोड से तीनों ठगों को गिरफ्तार कर लिया। पकड़े गए आरोपियों में बीरबल (40) और किशोर कुमार (32) निवासी कटहरी बांग, नीलमथा थाना कैंट लखनऊ तथा नारायण (23) निवासी सिकंदरपुर थाना बंथरा, जनपद लखनऊ शामिल हैं।
तलाशी में पुलिस को ऐसा नकली माल मिला, जो किसी ज्वैलरी शोरूम से कम नहीं था। चार बड़े पीली धातु के हार, चेन के टुकड़े,17 बड़े व सात छोटे सफेद धातु के सिक्के, तांबे रंग के पांच सिक्के, पीली धातु के छोटे सिक्के (करीब 2.310 किलो), दो अंगूठियां, 10 कीपैड मोबाइल, लोहे की चिमटी, लकड़ी में लिपटा पीली धातु का तार और तीन लाख रुपये नकद बरामद किए गए। साथ ही आरोपियों के दो बैंक खातों में जमा करीब चार लाख रुपये की रकम फ्रीज कर दी गई।
डीसीपी वेस्ट ने बताया कि तीनों आरोपी शातिर किस्म के ठग हैं और पूछताछ में उन्होंने वारदात कबूल कर ली है। तीनों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है।







