IMD Weather Forecast:देशभर में मानसून एक बार फिर पूरी तरह सक्रिय हो गया है। बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र और मानसून ट्रफ की स्थिति बदलने से मौसम ने करवट ली है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, इन मौसमी प्रणालियों के संयुक्त असर से 12 से अधिक राज्यों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की आशंका है। कई इलाकों में 60 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं।
बंगाल की खाड़ी का सिस्टम बना बारिश की बड़ी वजह
बंगाल की खाड़ी के उत्तर-पश्चिम हिस्से में बना ‘वेल-मार्क लो प्रेशर’ अब कमजोर होकर पश्चिम बंगाल और आसपास के क्षेत्रों पर पहुंच गया है। हालांकि यह सिस्टम अभी भी समुद्र से लगातार नमी खींच रहा है, जिससे पूर्वी, मध्य और उत्तरी भारत में बारिश का दायरा तेजी से बढ़ रहा है।
यूपी-बिहार में फिर सक्रिय हुआ मानसून
मानसून ट्रफ के दक्षिण की ओर लौटने से पूर्वी उत्तर प्रदेश और बिहार में बारिश का दौर तेज हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, इन क्षेत्रों में गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश और 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की संभावना है। निचले इलाकों में जलभराव और यातायात प्रभावित होने की आशंका भी जताई गई है।
इन राज्यों में भारी से बहुत भारी बारिश का अलर्ट
ओडिशा, छत्तीसगढ़, झारखंड और पश्चिम बंगाल में इस सिस्टम का सबसे ज्यादा असर देखा जा रहा है। छत्तीसगढ़ और ओडिशा के कई इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश दर्ज की गई है। वहीं तटीय कर्नाटक, कोंकण, गोवा और तेलंगाना के कुछ हिस्सों में भी भारी से बहुत भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है।
पहाड़ों में बढ़ा खतरा, भूस्खलन की चेतावनी
उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में लगातार बारिश के कारण भूस्खलन और चट्टानें गिरने का खतरा बढ़ गया है। उधर जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के पास सक्रिय पश्चिमी विक्षोभ के बीच 19 जुलाई के आसपास एक नया मजबूत पश्चिमी विक्षोभ भी दस्तक दे सकता है, जिससे पहाड़ी राज्यों में बारिश और बढ़ने के संकेत हैं।
दिल्ली-एनसीआर समेत उत्तर-पश्चिम भारत में भी बदलेगा मौसम
दिल्ली-एनसीआर, पंजाब और हरियाणा में भी अगले कुछ समय में मौसम बदलने की संभावना है। बादल छाए रहने के साथ कई स्थानों पर तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश के आसार हैं, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिल सकती है।
लोगों के लिए सलाह
मौसम विशेषज्ञों ने भारी बारिश वाले क्षेत्रों में अनावश्यक यात्रा से बचने, नदी-नालों और जलभराव वाले इलाकों से दूर रहने तथा बिजली चमकने के दौरान खुले स्थानों में नहीं रुकने की सलाह दी है। पहाड़ी क्षेत्रों में यात्रा करने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने की जरूरत है।






