कानपुर। 11 वर्षों तक पुलिस को चकमा देने वाला ₹50 हजार का इनामिया गैंगस्टर अवधेश सिंह सिर्फ शहर ही नहीं, अपनी पूरी पहचान भी बदल चुका था। फरार होने के बाद उसने पुराने परिचितों, रिश्तेदारों और दोस्तों से पूरी तरह संपर्क खत्म कर लिया था। वह किसी से बातचीत तक नहीं करता था, ताकि उसकी लोकेशन का कोई सुराग न मिल सके। नई पहचान के साथ वह हरियाणा के गुरुग्राम में किराए पर मकान दिलाने, जमीन और फ्लैट की खरीद-फरोख्त जैसे काम कर अपनी जिंदगी सामान्य दिखाने की कोशिश कर रहा था।
11 साल तक नई पहचान के सहारे पुलिस को देता रहा चकमा
कमिश्नरेट कानपुर नगर में अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत चकेरी थाना पुलिस और पूर्वी ज़ोन सर्विलांस टीम लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। सर्विलांस, मैनुअल इंटेलिजेंस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर उसकी लोकेशन हरियाणा के गुरुग्राम में मिली। इसके बाद हरियाणा पुलिस के सहयोग से 16 जुलाई 2026 को सेक्टर-74 स्थित कॉर्पोरेट ग्रीन्स से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। जांच में पता चला कि आरोपी ने फरारी के दौरान अपनी पहचान पूरी तरह बदल ली थी। वह नए नाम से प्रॉपर्टी से जुड़े काम करता था और किराए पर मकान दिलाने के साथ जमीन व फ्लैट की खरीद-बिक्री का कारोबार कर रहा था। उसने इतनी सावधानी बरती कि वर्षों तक अपने पुराने परिचितों से भी कोई संपर्क नहीं रखा।
गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे में था वांछित
अवधेश सिंह थाना चकेरी में दर्ज मुकदमा संख्या 1055/2015 में गैंगस्टर एक्ट की धारा 3(1) के तहत वांछित था। उसकी गिरफ्तारी पर ₹50 हजार का इनाम घोषित था। कई वर्षों तक पुलिस उसके संभावित ठिकानों पर दबिश देती रही, लेकिन वह हर बार बच निकलता था।
अब फरारी के पूरे नेटवर्क की होगी जांच
गिरफ्तारी के बाद आरोपी को कानपुर लाकर वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब यह भी जांच कर रही है कि फरारी के दौरान उसे किसने मदद पहुंचाई, नई पहचान कैसे बनाई और प्रॉपर्टी कारोबार के जरिए वह किन-किन लोगों के संपर्क में रहा।
पुलिस उपायुक्त पूर्वी सत्यजीत गुप्ता ने बताया कि चकेरी पुलिस और पूर्वी ज़ोन सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्रवाई में 11 वर्षों से फरार ₹50 हजार के इनामिया गैंगस्टर अवधेश सिंह को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के खिलाफ अग्रिम वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।






