कानपुर। पति-पत्नी के रिश्ते में बदलती सोच, वैवाहिक जीवन की जटिलताओं और रिश्तों के बीच पैदा होने वाले टकराव को कहानी के केंद्र में रखकर बनाई गई फिल्म ‘डियर हसबैंड’ अब बड़े पर्दे पर दस्तक देने जा रही है। फिल्म के निर्माता और कानपुर के कल्याणपुर निवासी रोहित राजावत समेत पूरी टीम सोमवार को शहर पहुंची। एक होटल में आयोजित कार्यक्रम में फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया। इस दौरान थिएटर अभिनेता बिश्वजीत मैती, अभिनेत्री पूर्णिमा शर्मा और निर्देशक धर्मेंद्र कुमार मौजूद रहे। फिल्म दो अक्तूबर को उत्तर प्रदेश के सिनेमाघरों में रिलीज होगी। इसके बाद महाराष्ट्र और बिहार में भी इसे प्रदर्शित करने की तैयारी है।
रिश्तों की बदलती तस्वीर पर कटाक्ष
निर्माता रोहित राजावत ने बताया कि फिल्म की कहानी पति-पत्नी के रिश्ते और बदलती सामाजिक सोच के इर्द-गिर्द बुनी गई है। इसमें वैवाहिक रिश्तों में पैदा होने वाले तनाव और ऐसी मानसिकता पर कटाक्ष किया गया है, जिसमें पति को नुकसान पहुंचाने या उसकी हत्या की साजिश जैसी घटनाएं सामने आती हैं। उनका कहना है कि फिल्म का मकसद किसी वर्ग को निशाना बनाना नहीं, बल्कि गंभीर सामाजिक विषय को मनोरंजन के जरिए दर्शकों तक पहुंचाना है। फिल्म दर्शकों को रिश्तों और बदलती सोच पर विचार करने का मौका देगी।
कानपुर से निकली कहानी, यूपी में हुई शूटिंग
फिल्म के निर्माता रोहित राजावत का कानपुर से खास जुड़ाव है। वह कल्याणपुर के निवासी हैं। फिल्म की कहानी और टीम में भी शहर का जुड़ाव दिखाई देगा। फिल्म में काम करने वाले अधिकांश कलाकार और तकनीकी टीम उत्तर प्रदेश से हैं। फिल्म की शूटिंग भी प्रदेश में हुई है। गोंडा के मनकापुर और टिकरी के जंगलों में फिल्म के कई अहम हिस्से फिल्माए गए हैं। रोहित के मुताबिक, उत्तर प्रदेश से फिल्म के जुड़ाव को देखते हुए इसे सबसे पहले प्रदेश के सिनेमाघरों में रिलीज किया जा रहा है।
‘क्राइम पेट्रोल’ से बड़े पर्दे तक का सफर
रोहित राजावत ने बताया कि उन्होंने करीब 12 वर्षों तक टेलीविजन और फिल्म इंडस्ट्री में काम किया है। वह ‘क्राइम पेट्रोल’, ‘सावधान इंडिया’ और ‘सीआईडी’ जैसे चर्चित कार्यक्रमों से जुड़े रहे हैं। इसके अलावा एंड टीवी, जी टीवी और सोनी टीवी के लिए भी काम किया। वर्ष 2022 में उन्होंने वेब सीरीज ‘निशाचर’ का निर्माण किया। इसके बाद करीब तीन वर्षों के प्रयास से ‘डियर हसबैंड’ को तैयार कर बड़े पर्दे तक पहुंचाया गया है।
बिना गॉडफादर के फिल्म बनाने का दावा
रोहित राजावत ने कहा कि छोटे शहर से मुंबई पहुंचकर फिल्म इंडस्ट्री में अपनी पहचान बनाना आसान नहीं था। उनका दावा है कि इंडस्ट्री में उनका कोई गॉडफादर नहीं था। अपनी टीम के साथ सीमित संसाधनों में फिल्म तैयार की और अब उसे दर्शकों तक पहुंचाने की तैयारी है। उन्होंने नए फिल्म निर्माताओं और कंटेंट क्रिएटर्स से कहा कि मजबूत विचार और जुनून हो तो कम बजट में भी फिल्म बनाई जा सकती है।
पूर्णिमा बोलीं- कहानी मजबूत हो तो दर्शक साथ आते हैं
अभिनेत्री पूर्णिमा शर्मा ने बताया कि वह ‘गुलाबो सिताबो’ में आयुष्मान खुराना के साथ काम कर चुकी हैं। इसके अलावा ‘सिया’, ‘किलर अरेंज मैरिज’ और मैडॉक फिल्म्स की ‘भूल चूक माफ’ में भी नजर आई हैं। उन्होंने बताया कि ‘डियर हसबैंड’ की शूटिंग करीब दो साल पहले पूरी हो गई थी, लेकिन रिलीज में समय लगा। इस दौरान फिल्म को और बेहतर तरीके से तैयार किया गया।पूर्णिमा शर्मा के मुताबिक, हाल के वर्षों में दर्शकों ने यह दिखाया है कि फिल्म की सफलता में बड़े सितारों से ज्यादा कहानी और कंटेंट की भूमिका महत्वपूर्ण है। अच्छी कहानी होने पर कम बजट की फिल्मों को भी दर्शकों का समर्थन मिल सकता है।
कम बजट में फिल्म, बड़े पर्दे पर उम्मीद
रोहित राजावत ने दावा किया कि ‘डियर हसबैंड’ बेGहद कम बजट में तैयार की गई फिल्मों में शामिल है। उनका कहना है कि सीमित संसाधनों के बावजूद पूरी टीम ने मेहनत और जुनून के साथ फिल्म तैयार की। उन्होंने उत्तर प्रदेश में फिल्म निर्माण के लिए उपलब्ध सुविधाओं और शूटिंग लोकेशन की अनुमति प्रक्रिया की भी सराहना की। टीम को उम्मीद है कि रिश्तों से जुड़े विषय पर बनी यह फिल्म दर्शकों को मनोरंजन के साथ सोचने का मौका देगी।






