कानपुर के एक परिवार के लिए शनिवार की सुबह किसी बुरे सपने से कम नहीं थी। घर के बाहर खेल रहा सात वर्षीय मासूम अचानक लापता हो गया। दादी ने पहले उसे आसपास तलाशा, लेकिन जब काफी देर तक उसका कोई पता नहीं चला तो पूरे परिवार की चिंता बढ़ गई। आखिरकार पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही इंदिरा नगर चौकी पुलिस सक्रिय हुई और लगातार छह घंटे तक चले खोज अभियान के बाद बच्चे को चौबेपुर थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे के सुरक्षित लौटते ही परिवार ने राहत की सांस ली और घर का माहौल एक बार फिर खुशियों से भर गया।
दादी के साथ रह रहा था मासूम, खेलते-खेलते हो गया लापता
पुलिस के अनुसार, बिल्हौर थाना क्षेत्र के उत्तरीपुरा निवासी राहुल का करीब सात वर्षीय पुत्र इन दिनों अपनी दादी के साथ गांधी मार्केट, जीटी रोड स्थित इंदिरा नगर चौकी क्षेत्र में रह रहा था। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे वह घर के बाहर खेलने निकला था। काफी समय बीत जाने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटा तो दादी ने आसपास के लोगों से पूछताछ की और हर संभावित स्थान पर उसकी तलाश की। काफी खोजबीन के बावजूद बच्चे का कोई सुराग नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस से मदद मांगी।
सूचना मिलते ही हरकत में आई पुलिस, सीसीटीवी फुटेज से मिला सुराग
मामले की जानकारी मिलते ही इंदिरा नगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सैय्यद खादिम सज्जाद पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सबसे पहले आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू की। बच्चे के आने-जाने के संभावित रास्तों की जांच की गई और अलग-अलग टीमों को खोजबीन में लगाया गया। तकनीकी सहायता और लगातार निगरानी के आधार पर पुलिस ने करीब छह घंटे के भीतर बच्चे को चौबेपुर थाना क्षेत्र से सकुशल बरामद कर लिया।
मासूम को देखकर छलक पड़े खुशी के आंसू
जब पुलिस बच्चे को लेकर घर पहुंची तो कई घंटों से चिंता में डूबे परिजनों की आंखों में खुशी के आंसू आ गए। दादी ने अपने पोते को सीने से लगा लिया। परिवार ने पुलिस टीम का धन्यवाद देते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर सक्रिय नहीं होती तो उनकी चिंता और बढ़ सकती थी। बच्चे के सकुशल मिलने से पूरे परिवार ने राहत की सांस ली।
पुलिस की तत्परता की लोगों ने की सराहन
घटना के बाद स्थानीय लोगों ने इंदिरा नगर पुलिस की त्वरित कार्रवाई, संवेदनशीलता और मानवीय कार्यशैली की खुलकर प्रशंसा की। लोगों का कहना है कि पुलिस ने बिना समय गंवाए खोज अभियान शुरू किया और कुछ ही घंटों में बच्चे को सुरक्षित ढूंढ़ निकाला।






