कानपुर। डीसीपी पश्चिम कार्यालय के पास गुरुवार देर रात युवती के बेसुध होने और उसे गोली लगने की सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और युवती को एलएलआर अस्पताल भिजवाया। अस्पताल में चिकित्सकीय परीक्षण के दौरान युवती को गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई। पुलिस की प्रारंभिक जांच में गोली चलने की भी पुष्टि नहीं हो सकी। मामले में दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश की बात सामने आई है।
डीसीपी पश्चिम कार्यालय के पास झोपड़ी डालकर रहने वाले रमाकांत दुबे अपनी पत्नी और सात बच्चों के साथ रहते हैं। उनकी बेटी रुचि पनकी में किराये पर रहती है, जबकि बेटे भोला उर्फ राम, लक्ष्मण और भरत ऑटो चलाते हैं। रुचि के भाई शिव ने बताया कि गुरुवार सुबह वह मायके आई थी। देर रात भाई भोला उर्फ राम उसे ऑटो से पनकी छोड़ने जा रहा था। आरोप है कि भोला सामान लेने घर के अंदर गया और रुचि ऑटो में बैठी थी। इसी दौरान तीन बाइकों से आए कृष्णा उर्फ दानव, ईशान, इशरत, बल्लू समेत नौ लोगों ने हमला कर दिया। परिजनों का आरोप है कि आरोपितों ने फायरिंग भी की, जिसके बाद रुचि बेसुध होकर गिर पड़ी और सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।
घटना के बाद आसपास के लोगों ने युवती को गोली लगने की सूचना पुलिस को दे दी, जिससे पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस ने युवती को तत्काल एलएलआर अस्पताल पहुंचाया, जहां जांच में गोली लगने की बात गलत निकली। वहीं, आसपास के लोगों का कहना है कि उन्होंने गोली चलने की कोई आवाज नहीं सुनी।
डीसीपी पश्चिम एसएम कासिम आबिदी ने बताया कि अब तक की जांच में युवती को गोली लगने और गोली चलने की पुष्टि नहीं हुई है। दोनों पक्षों के बीच पुराना विवाद चल रहा है। आरोपितों की तलाश के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित कर दबिश दी जा रही है। मामले के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।





